जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (SARRA) के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना जल संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, चेकडैम, चाल-खाल और सीमेंट-कंक्रीट से निर्मित चेकडैम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जलागम, वन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
वनीकरण और बांज पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने वन विभाग को भी कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कार्यों का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि वह जल्द ही परियोजना के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण से पहले प्रगति में ठोस सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
