उद्घाटन के एक साल बाद भी बंद पड़ी मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला,पार्षद दीपक कुमार ने उठाए सवाल
अल्मोड़ा-माल रोड स्थित मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला के उद्घाटन के एक साल बाद भी संचालित नहीं होने पर नगर निगम पार्षद दीपक कुमार ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर मुसाफिरों की सुविधा के लिए बनाई गई धर्मशाला आज उद्घाटन के बावजूद उपयोग में नहीं आ पा रही है और जिम्मेदार विभाग इसकी सुध लेने को तैयार नहीं हैं।
पार्षद दीपक कुमार ने कहा कि एक वर्ष पूर्व नंदादेवी मेले के दौरान सांसद द्वारा रिबन काटकर धर्मशाला का उद्घाटन किया गया था।उस समय उम्मीद जगी थी कि धर्मशाला जल्द ही आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी और बाहर से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों को किफायती दरों पर ठहरने की सुविधा मिल सकेगी।
लेकिन उद्घाटन के एक साल बाद भी धर्मशाला का संचालन शुरू नहीं हुआ है।उन्होंने कहा कि जब किसी सार्वजनिक सुविधा का निर्माण आम जनता के पैसे से किया जाता है तो उसका उद्देश्य केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं होना चाहिए।निर्माण के बाद उसका नियमित संचालन और जनता को सुविधा उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि एक साल बीतने के बावजूद धर्मशाला को संचालित नहीं किया जा सका।दीपक कुमार ने कहा कि जिस उद्देश्य से मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला का निर्माण किया गया था, वह उद्देश्य ही पूरा नहीं हो रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मुसाफिरों के लिए बनाई गई यह धर्मशाला वर्तमान में सफेद हाथी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि शहर में बाहर से आने वाले यात्रियों को ठहरने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस प्रकार की सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की कि धर्मशाला के संचालन में आ रही अड़चनों को तत्काल दूर कर इसे आम जनता के लिए खोला जाए।
उन्होंने कहा कि सिर्फ फीता काटकर उद्घाटन करने से विकास कार्य की सार्थकता सिद्ध नहीं होती, बल्कि जब उसका लाभ आम जनता को मिले तभी उसकी वास्तविक उपयोगिता है।पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही धर्मशाला का संचालन शुरू नहीं किया गया तो इस मामले को नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
