अल्मोड़ा:नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच महिला आरक्षण एवं परिसीमन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इसी क्रम में अल्मोड़ा से कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी एक ही बात को बार-बार दोहराकर उसे सच साबित करने की कोशिश कर रही है।
शुक्रवार को नगर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में तिवारी ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो चुका था, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़कर दोबारा लाना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिलाओं के हित में हर कदम का समर्थन करती है, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह नियमसम्मत होनी चाहिए।
तिवारी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है और असल मुद्दा परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों में बदलाव करना है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रति गंभीर होती तो मौजूदा सीटों में ही आरक्षण लागू किया जा सकता था।
उन्होंने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों पर भी सरकार को घेरा और कहा कि यदि सरकार महिलाओं की हितैषी होती तो अत्याचार, हत्या, दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने नहीं आतीं। अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को बचाने की कोशिश की गई।
विधायक तिवारी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता है और अल्मोड़ा विधानसभा सीट महिला आरक्षित होती है, तो उनके परिवार से कोई महिला चुनाव नहीं लड़ेगी।
पत्रकार वार्ता में महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पार्षद मधु बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, रीना टम्टा, जानकी पांडे, तुलसी देवी, अंजू बिष्ट और वंदना वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
