अल्मोड़ा विधानसभा की जनता को बन्दर, सूअर और तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने के लिए विगत लंबे समय से उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक मांग करते आ रहे हैं। इससे पहले भी बिट्टू कर्नाटक ने इस मसले पर कार्यवाही करने की मांग की थी जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सहित वन विभाग के आला अधिकारियों को इस सम्बन्ध में ज्ञापन प्रेषित किया था। एक पखवाड़ा पूर्व भी कर्नाटक ने वन विभाग के अधिकारियों को चेताया था कि इस समस्या का समाधान यदि नहीं होता है तो वे वन विभाग में कन्जरवेटर कार्यालय पहुंच कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। लेकिन वन विभाग की तरफ से के इस मामले पर कोई कार्यवाही न करने और इसको गंभीरतापूर्वक नहीं लेने से कांग्रेस उपाध्यक्ष कर्नाटक द्वारा गहरा रोष व्यक्त किया गया और आज अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार अपने सैकड़ों साथियों के साथ उन्होंने धारकी तूनी स्थित वन विभाग के कन्जरवेटर कार्यालय पहुंच कर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। साथ ही धरने को सम्बोधित करते हुए कर्नाटक ने कहा की अल्मोड़ा की जनता को वन विभाग बन्दर, सूअर और तेंदुए के आतंक से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाए। विगत लम्बे समय से बन्दर नगर क्षेत्र में और जंगली सूअर ग्रामीण क्षेत्रों में काश्तकारों की फसल को तबाह करने का काम कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार के साथ ही वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी पूरी तरह कृषि पर आधारित है। पहाड़ी सब्जियां,पहाड़ी दालों का उत्पादन कर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी गुजर बसर करते हैं। लेकिन बन्दर और सूअर लगातार उनकी खेती को तहस नहस करने का काम कर रहे हैं जिससे ग्रामीणों की आर्थिकी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि आज यह स्थिति है कि काश्तकार आलू का बीज तक बोने में डर रहा है। क्योंकि सूअर जमीन के अन्दर बोयी जाने वाली फसल आलू, प्याज, गढ़ेरी, अदरक, हल्दी, लहसुन तक खोद कर नष्ट कर दें रहे हैं। इसके अलावा नगर क्षेत्र में बन्दर जहां लगातार स्कूली बच्चों को काटकर चोटिल कर रहे हैं वहीं दुकानों से सामान तक खींचकर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदुओं का आतंक ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर क्षेत्र में भी है जिससे कि सांयकाल के बाद लोग घरों से बाहर निकलने में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं उन्हें भय है कि कब कहां से तेंदुआ उन पर झपट जाए।श्री कर्नाटक ने कहा कि पलायन रोकने का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार शायद ये भूल रही है कि इस भयावह समस्या के कारण लगातार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार और वन विभाग अब भी नींद से नहीं जागे और इस भयावह समस्या का समाधान अविलम्ब नहीं किया तो जनहित में वे प्रदेश सरकार और वन विभाग के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से वृहद जन आन्दोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और वन विभाग की होगी।
यह लोग रहे मौजूद –
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में रोहित शैली, अशोक सिंह सरपंच, राकेश बिष्ट सरपंच, बीरेंद्र कार्की, दीपक पोखरिया, हिमांशु कनवाल, अर्जुन लटवाल, सोनू चौहान, पवन कनवाल, विनय चन्डोला, भगवत आर्या, सुधीर,हसन अली, गोपाल भट्ट, त्रिभुवन अधिकारी, सागर कुमार, धीरेन्द्र लाल, मोहित अधिकारी, मयंक कुमार, पंकज कुमार, अमित भट्ट, सतीश कुमार, प्रकाश लाल,आशु, भूपेंद्र सिंह, अजय बिष्ट, हिमांशु बिष्ट, राहुल मेहता, हिमांशी अधिकारी, रश्मि काण्डपाल, अमर बोरा, सुमित कुमार, राजीव शैली, बच्चीसिंह सांगा सरपंच, भास्कर बिष्ट, सागर आर्या, विक्रम कुमार, धनराज,जितेंद्र काण्डपाल, मोहन सिंह बिष्ट, हिमांशु सिराडी, बलबीर सिंह, संजय कुमार, चेतन बिष्ट, प्रकाश बिष्ट, अर्जुन कनवाल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
