उत्तराखंड राज्य मे स्थित जोशीमठ के नगर में हुए भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में बीते 13 नवंबर से फुगरो कंपनी सर्वे कर रही है। भार क्षमता का पता लगाने के लिए लोनिवि की तरफ से नीदरलैंड की फुगरो कंपनी से जियो टेक्निकल ड्रिलिंग सर्वे कराया जा रहा है। औली रोड पर कंपनी ने 45 मीटर से ज़्यादा तक ड्रिल कर लिया, लेकिन अभी तक उन्हें कठोर चट्टान नहीं मिल पाई है। इसके अलावा छह जगह पर और यह सर्वे किया जाना है। सर्वे करने के बाद इसकी रिपोर्ट लोनिवि के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट को देखने के बाद इसके उसी आधार पर जोशीमठ के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। इस बारे मे जानकारी देते हुए लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह चौहान ने बताया, जब तक हार्ड रॉक नहीं मिलती ड्रिल कार्य जारी रहेगा। हार्ड रॉक नहीं मिलने पर 80 मीटर तक ड्रिल किया जाएगा। सुनील वार्ड में रविवार तक 45 मीटर तक ड्रिल पूरी हो चुकी है। हार्ड रॉक मिलने के बाद पांच मीटर और ड्रिल होगी, जिसके सैंपल लिए जाएंगे। हार्ड रॉक नहीं मिलने पर 80 मीटर तक खुदाई के बाद ही सैंपल एकत्रित किया जाएगा।
