अल्मोड़ा के श्री लक्ष्मी भंडार (हुक्का क्लब) में आयोजित रामलीला के चतुर्थ दिवस का मंचन भावनाओं से परिपूर्ण रहा। मंचन की शुरुआत मंथरा-कैकई और दशरथ-कैकई संवादों से हुई, जिसने दर्शकों को गहराई से जोड़ा। इस अवसर पर प्रियंका भट्ट ने राम, गायत्री तिवारी ने लक्ष्मण और वर्षा त्रिपाठी ने सीता की भूमिका निभाकर दर्शकों का मन मोह लिया। दीवान सिंह कनवाल (दशरथ), पूजा थापा (कैकई), श्वेता (कौशल्या), रिया (सुमित्रा) और शगुन त्यागी (मंथरा) ने अपने सशक्त अभिनय से कथा को जीवंत बना दिया। कथानक में जनकपुरी से विवाह उपरांत राम-सीता की अयोध्या वापसी और राजा दशरथ द्वारा राम के राज्याभिषेक की तैयारियों को दिखाया गया। वहीं मंथरा के उकसावे पर कैकई ने राजा दशरथ से दो वरदान मांगे—भरत को गद्दी और राम को 14 वर्षों का वनवास। इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कौशल्या से राम का विदाई संवाद और वनगमन का प्रसंग इतना प्रभावशाली रहा कि दर्शकों की आंखें नम हो उठीं। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया, जबकि सचिव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन का दायित्व जगत मोहन जोशी ने निभाया। रामलीला मंचन मे मुख्य रूप से हरेंद्र वर्माश्री चंद्रशेखर कांडपाल, राजेंद्र तिवारी, पूर्व सभासद विजय चौहान, दीवान बिष्ट, अजय चौहान, रोहित साह, अजय साह, रोहित साह, त्रिभुवन गिरी महाराज,ललित मोहन साह्, मनोज साह, अभय शाह, विनोद गिरी गोस्वामी, नारायण सिंह बिष्ट, राजा पांडे, सुमित शाह, दीक्षा साह, सुबोध नयाल, पूजा थापा, आकांक्षा आर्या, मीनाक्षी अग्रवाल मीनाक्षी जोशी, चम्पी जोशी, अजय साह, संजय साह, सुंदर जनौती, कमल वर्मा, अंकित कुमार, हर्षवर्धन वर्मा, यश साह, अभय उप्रेती, कंचन बिष्ट, अमित साह, नीलम भट्ट, हर्षित जोशी, मानस वाणी, अंकित बोरा, ममता वाणी, गौरव् तिवारी, हर्षिता तिवारी, शगुन त्यागी, साक्षी जोशी,पलक तिवारी आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।
