शुक्रवार मध्य रात्रि से शनिवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि और आसपास के गांवों चमेली, रूमसी, तालीबगर, गिंवाला और सिलकोट में भारी नुकसान हुआ है।चमेली गांव के बगरधार क्षेत्र में दिनेश सिंह, महेंद्र सिंह, यशवीर सिंह और दलीप सिंह के आवासीय मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। गनीमत रही कि मलबा आने से पहले ही सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। फिलहाल प्रभावित परिवारों ने पंचायत भवन में शरण ली है। गिंवाला गांव में एक गौशाला क्षतिग्रस्त हुई है, जबकि दीपक सिंह, अवतार सिंह, जगदीश सिंह सजवाण समेत दस अन्य परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। बादल फटने की वजह से रूमसी गांव में सैकड़ों नाली कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। सिलकोट, सौड़ी और तालीबगर क्षेत्रों में मकानों, पेयजल योजनाओं, सिंचाई नहरों और पैदल मार्गों को भारी क्षति पहुंची है। कई घरों में मलबा घुस गया है, जिससे लोग पूरी रात जागकर अपनी सुरक्षा करते रहे। राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्य रावत ने भी प्रभावित गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इधर, बेडूबगड़ क्षेत्र में भारी मलबा आने से दो वाहन दब गए, जिन्हें बाद में एनएच की मदद से बाहर निकाला गया।
