उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली गांव पर अभी भी बड़ा खतरा बना हुआ है। खीरगंगा नदी के मुहाने पर करीब 15 फीट मलबा और दो विशाल बोल्डर अटके हुए हैं। एनडीआरएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि ऊपरी इलाकों में फिर से तेज बारिश हुई या पांच अगस्त जैसी आपदा दोहराई गई, तो यह मलबा और बोल्डर नीचे आकर भारी तबाही मचा सकते हैं। एनडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंट रेस्क्यू टीम ने सात से आठ किलोमीटर ट्रैक पार कर खीरगंगा के उद्गम स्थल झींडा बुग्याल तक पहुंचकर नदी के मुहाने का निरीक्षण और वीडियोग्राफी की। टीम ने पाया कि बोल्डर और मलबा नदी के बहाव को रोक रहे हैं। असिस्टेंट कमांडेंट आर.एस. धपोला ने बताया कि यदि यह मलबा नीचे आया तो न केवल धराली को बड़ा नुकसान होगा, बल्कि भागीरथी नदी का प्रवाह भी रुक सकता है, जिससे एक विशाल झील बनने का खतरा है। फिलहाल धराली में पहले से ही करीब 20 फीट मलबा जमा है, जिसने नदी का रुख बदल दिया है। बता दे कि 5 अगस्त को खीरगंगा में आए सैलाब ने धराली गांव को लगभग समाप्त कर दिया था, जिससे ग्रामीणों की 20 वर्षों की मेहनत पानी में बह गई थी।
