कुमाऊँ की काशी के नाम से प्रसिद्ध बागनाथ नगरी बागेश्वर में 13 जनवरी से ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान में लगने वाले उत्तरायणी मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। मेले को लेकर पूरे शहर और बागनाथ मंदिर को रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियों व फूलों से सजाया गया है, जिससे नगरी अलौकिक रूप में जगमगा रही है।मेले की शुरुआत भव्य सांस्कृतिक झांकियों के साथ तहसील परिसर से हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान तक पहुंची। झांकी में कुमाऊँनी ढोल, पिथौरागढ़-मुनस्यारी की मदकोट संस्कृति का पारंपरिक ढोल, दानपुर की पहाड़ी संस्कृति और विभिन्न स्कूलों की सांस्कृतिक टीमों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।उत्तरायणी मेले के अवसर पर बागनाथ मंदिर को दो कुंतल प्राकृतिक फूलों से सजाया गया है। पूरे मंदिर परिसर और नगर को रोशनी से सुसज्जित किया गया है। दोपहर बाद मुख्य जिला प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा धार्मिक एवं पौराणिक उत्तरायणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।13 से 20 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में हर रात स्टार नाइट कार्यक्रमों के तहत कुमाऊँ और गढ़वाल सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपने गीत और नृत्य से मेलार्थियों का मनोरंजन करेंगे। वहीं मेला स्थल पर पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
