उत्तराखंड राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति-2015 के तहत प्री-रजिस्ट्रेशन में प्रदेश सरकार द्वारा दी गयी छूट से 300 उद्योगों को बड़ी राहत पहुंची है। अभी तक प्री-रजिस्ट्रेशन न कराने से इन उद्योगों सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा था, जबकि नीति के प्रावधानों के अनुसार उद्योग पात्रता की सभी शर्तों पूरा करते हैं। एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नीति लागू की थी, जिसमें बड़े समेत छोटे उद्योग लगाने के लिए 15 से 40 प्रतिशत सब्सिडी, स्टांप शुल्क, ब्याज दर व बिजली दरों में छूट का प्रावधान किया था। इस नीति के तहत सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उद्योगों को एकल खिड़की पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य था कई एमएसएमई उद्योगों ने नीति के तहत सब्सिडी का लाभ लिया, लेकिन कई उद्योग ऐसे थे, जो पूर्व पंजीकरण नहीं करा पाए। जिस कारण से वित्तीय लाभ लेने से वंचित रह गए। अब प्रदेश सरकार ने नई एमएसएमई नीति-2023 लागू की है। 2015 की नीति में निवेश करने वाले उद्योग सब्सिडी के लिए चक्कर काट रहे थे।
