उत्तराखंड राज्य में निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। जिसके लिए छह महीने से मतदाता कि सूची बनाई जा रही है। इस सूची को तैयार करने के लिए नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन नए सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी चलने कि वजह से निर्वाचन विभाग के लिए मतदाता सूची तैयार करना चुनौती बन गया है। छह महीन हो गए है लेकिन इसके बावजूद भी नए सॉफ्टवेयर में मतदाताओं के नाम अभी तक दर्ज नहीं हो सके हैं। ऐसे में समय रहते सॉफ्टवेयर न सुधरने पर कई मतदाताओं को मताधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है। नगर निकायों का कार्यकाल दो दिसंबर को खत्म होने वाला है। इसके बाद नए चुनाव होंगे लेकिन चुनाव के लिए बेहद जरूरी नए सॉफ्टवेयर पर नई सूची तैयार नहीं हो सकी है। पंचास्थानि चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नए सॉफ्टवेयर पर तैयार हो रही सूची के एक पन्ने में 50 कि जगह केवल 44 नाम ही दर्ज हो रहे हैं। और पृष्ठ क्रमांक कि संख्या कहीं ऊपर तो कहीं नीचे अंकित है। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का भी पूरा उल्लेख नहीं हो पा रहा है। इस तकनीकी दिक्कत के चलते सभी मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में हर मतदाता का सूची में नाम दर्ज कराना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया है। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल सका है। पंचास्थानि चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अनुसार साल 2018 में बनी सूची के अनुसार जिले के चार निकायों में कुल मतदाताओं की संख्या 31,460 है। इन सबके नाम सॉफ्टवेयर में दर्ज होने हैं।
