अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के पीटीए शिक्षक, जिन्हें लंबे समय से सरकारी मानदेय का लाभ नहीं मिल रहा, आज अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि आठ साल से सेवा देने के बावजूद उन्हें सरकारी मानदेय की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि शिक्षक अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। इसी उपेक्षा से नाराज होकर आज राजधानी में प्रदर्शन और सीएम आवास कूच का निर्णय लिया गया है। प्रदेश महामंत्री कल्पना सेमवाल ने कहा कि 30 जून 2016 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों को मानदेय की श्रेणी से बाहर रखा गया है, जबकि इससे पहले के शिक्षकों को न केवल मानदेय दिया गया बल्कि तदर्थ नियुक्ति भी दी गई। संगठन की मांग है कि इस तिथि को संशोधित कर 30 जून 2025 किया जाए, ताकि सभी पीटीए शिक्षकों को मानदेय का लाभ मिल सके।
