सर्दी का मौसम शुरू होते ही रोजाना मौसम में बदलाव देखने के लिए मिल रहा है। इस बदलते मौसम के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। खासकर रात के वक़्त अधिक ठंड देखने के लिए मिल रही है। इस मौसम में फेफडे और दिल के मरीजों अपने स्वास्थ के प्रति ज़्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। आपकी अपने स्वास्थ के प्रति बरती गयी जरा सी लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है।
जानिए क्या कहते है विशेषज्ञ-
•-राजधानी देहरादून में स्थित दून अस्पताल के एमएस एवं वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल का कहना है कि फेफड़े और दिल के मरीज अपनी दवाई समय पर ले और इसके साथ खुद की ठंड से हिफाज़त करे। अपने खानपान को लेकर ज़्यादा से ज़्यादा एहतियात बरतें। मरीजों ने जरा सी लापरवाही बरती तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ठंड के प्रभाव से मरीज की श्वास नलियां सिकुड़ जाती हैं। जिसकी वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है और बलगम बनने लगता है। अस्थमा की आशंका काफी बढ़ जाती है। सर्दी धूम्रपान छोड़ने का उपयुक्त समय है।
•-मैक्स के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल कंसलटेंट डॉ. विवेक कुमार वर्मा के मुताबिक सर्दी फेफड़ों पर गहरा प्रभाव डालती है। धूम्रपान से खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों का समय धूम्रपान छोड़ने का उपयुक्त समय है।बच्चों को ठंड से बचाने के लिए यह उपाय करें।
•-फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार एवं डॉ. कुमार जी कौल के मुताबिक शरीर को ठंडा होने से बचाएं और गर्म रखें। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और ठंड में रहने से बचें। टोपी, स्कार्फ, मोजे जरूर पहनें। खाना गरम खाएं और पानी भी गरम पिएं। गीले कपड़े बिल्कुल भी न पहनें। ठंड ज्यादा लगने पर तुरंत शरीर को गर्म करें। अधिक पसीना बहाने वाली गतिविधि से बचें।
