कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और अल्मोड़ा, रानीखेत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से आने-जाने वालों की सुविधा के लिए शासन और सरकार ने बाईपास निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी है। लोनिवि ने पहले चरण में सेनिटोरियम से दुनिखाल तक आठ किमी मार्ग का निर्माण 12.14 करोड़ की लागत से पूरा कर लिया था। अब दूसरे चरण में दुनिखाल से पाडली तक पहाड़ी कटिंग और अस्थायी मार्ग का काम 505.71 लाख रुपये की लागत से शुरू हो गया है, जिसे अगले तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य है। सहायक अभियंता पीसी उप्रेती ने जानकारी दी कि इस मार्ग की सुरक्षा दीवार और डामरीकरण के लिए 981.34 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा बाईपास को मुख्य खैरना मार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर लंबे पुल का प्रस्ताव भी 10.355 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कर भेजा गया है। धन की स्वीकृति मिलते ही बाईपास का काम तेजी से पूरा होगा। इसके बन जाने से कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ पहाड़ जाने वाले यात्रियों को भी जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
