कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है। कोविड-19 और चीन के साथ विवाद के चलते साल 2020 के बाद अब पुरे पांच साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। यात्री मानसरोवर से भारत लौटने के बाद ज्योलिंगकांग स्थित आदि कैलाश जाएंगे। उत्तराखंड राज्य में पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से यात्रा करने वाले कैलाश मानसरोवर यात्री भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल आदि कैलाश के दर्शन भी कर सकेंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कैलाश मानसरोवर यात्री भगवान शिव के दोनों स्थलों के दर्शन एक ही बार में कर सकेंगे। कोविड-19 और चीन के साथ विवाद के चलते 2020 से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। पांच साल बाद शुरू होने जा रही यात्रा इस बार उत्तराखंड के लिपुलेख दरें और सिक्किम के नाथुला दर्रे से होगी। पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित होने वाली यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम करेगा। धारचूला से लिपुलेख तक यात्रा के सफल संचालन में आईटीबीपी सहयोग करेगी। 30 जून से 25 अगस्त तक यह यात्रा चलेगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। यात्रियों के लिए केएमवीएन की ओर से हट्स बनाए गए हैं। इसमें 50-50 यात्रियों के 15 दल यात्रा पर जाएंगे। 10 दल नाथुला दर्रे से जबकि पांच दल लिपुलेख दर्रे से तिब्बत में प्रवेश करेंगे।
