उत्तराखंड में इस साल मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जाएगा। इसके तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मौजूदा सूची का मिलान होगा। जिन मतदाताओं का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलेगा, उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को सचिवालय में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक भी हुई।बैठक में राजनीतिक दलों को बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद-324, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा-21 और अन्य संबंधित नियमों के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग को विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। यह प्रक्रिया जनवरी 2026 की अर्हता तिथि को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाएगी।
