उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चिटफंड कंपनी एलयूसीसी द्वारा प्रदेश के नागरिकों को 800 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाकर फरार होने के मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पैसे डूब चुके हैं, वे अपने शिकायत पत्र के साथ भुगतान का प्रमाण भी सीबीआई को सौंपें। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में बुधवार को हुई सुनवाई में सीबीआई ने जांच की स्वीकृति का पत्र पेश किया। वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि कंपनी के खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं और अन्य की जांच जारी है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि पुलिस ने कई शिकायतों पर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया, जिससे निवेशकों को अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद नहीं दिख रही। गौरतलब है कि ऋषिकेश निवासी आशुतोष सहित कई पीड़ितों ने जनहित याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। आरोप है कि एलयूसीसी नाम की इस चिटफंड कंपनी ने 2021 में देहरादून, ऋषिकेश और पौड़ी सहित कई जिलों में दफ्तर खोलकर लोगों को लालच देकर निवेश कराया, लेकिन कंपनी ने राज्य में रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया। वर्ष 2023-24 में कंपनी अचानक दफ्तर बंद कर फरार हो गई। अब तक उत्तराखंड में 14 और अन्य राज्यों में 56 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस घोटाले का मुख्य आरोपी दुबई भाग चुका है। इस बीच, निवेशक न सिर्फ एजेंटों पर दबाव बना रहे हैं, बल्कि पुलिस की कार्रवाई से भी परेशान हैं।
