उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में डिग्री कॉलेजों के प्राध्यापकों को पीठासीन अधिकारी के रूप में ड्यूटी पर लगाए जाने के खिलाफ दायर याचिका को पूर्व आदेश के आधार पर निस्तारित कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष यह मामला सुनवाई के लिए प्रस्तुत हुआ। याचिका में कई डिग्री कॉलेजों के प्राध्यापकों ने तर्क दिया कि वे प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं और चुनावी प्रक्रिया में पीठासीन अधिकारी के पद पर केवल द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका पद रैंक में उच्च है और उन्हें इस श्रेणी की ड्यूटी देना नियमों के विरुद्ध है। कोर्ट ने अपने पूर्ववर्ती आदेश को आधार बनाते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों की ड्यूटी निर्वाचन आयोग द्वारा लगाई गई है, उन्हें वह ड्यूटी निभानी होगी।
