उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल के चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले मौसम विभाग की ओर से भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था। जिसके चलते मंगलवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जनजीवन पूर्ण रूप से अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते पिथौरागढ़ के धारचूला-गूंजी राष्ट्रीय राजमार्ग पर तवाघाट, एलागाड़, मालघट पर मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर ठप हो गया है जिससे चीन सीमा से संपर्क कट गया है।
वहीं, मंडल में दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 55 सड़कें मलबा आने से ठप हैं। इसी प्रकार थल-नाचनी और धारचूला-बलुवाकोट मार्ग भी मलबा आने से बंद हैं।चंपावत जिले में स्वाला के पास बार बार मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सुबह से कई बंद हो चुका है। बाटनागाढ़ के पास भी पहाड़ी से मलबा आने से पूर्णागिरी धाम से संपर्क कट गया है। इससे पूर्णागिरी जाने वाले श्रद्धालुाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। चंपावत जिले में 10 ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद पड़े हैं।
इसी प्रकार अल्मोड़ा जिले में भी एक राजमार्ग समेत पांच सड़कें बंद पड़े हैं। सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने अल्मोड़ा और बागेश्वर में स्कूलों को आज भी बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं नैनीताल जिले में भी भारी बारिश का क्रम जारी है। बीती रात से अभी तक हल्द्वानी में सबसे अधिक 111 एमएम बारिश हो चुकी है। काठगोदाम-सिमिलिया बैंड साननी राजमार्ग समेत कुल 14 सड़कें विभिन्न जगहों में मलबा आने से बंद हैं।
वहीं लालकुआं में रेलवे स्टेशन के साथ ही हल्द्वानी में हाइडिल गेट, एसबीआई चौराहा समेत कई इलाकों में पानी भरने की खबर है। हल्द्वानी के ही रकसिया नाला, कलसियानाला समेत देवखड़ी नाला में तेज बहाव के चलते यातायात को रोकना पड़ा है। बागेश्वर में हालात असामान्य हैं। यहां एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 22 सड़कें यातायात के लिये ठप हो गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से बरसात की स्थिति को देखते हुए कक्षा 01 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद करने का आदेश सुबह आनन फानन में जारी करना पड़ा।
