उत्तरकाशी जिले के धराली में आपदा के 12 दिन बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने कड़ी मशक्कत के बाद धराली में मलबे के बीच से वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी है, लेकिन हर्षिल में बनी झील में डूबे हाईवे को सुचारू कराना अभी भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। शनिवार सुबह खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम फिर से शुरू किया गया। धराली गांव और आसपास के इलाकों में अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त होने से मजदूरों को अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलिंडर और जरूरी सामान पहुंचाना पड़ रहा है। गांव में लोग अब भी आपदा के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। महिलाएं मलबे और मंदिर के आंगन में बैठकर आपदा का मंजर याद कर भावुक हो रही हैं। प्रशासन की ओर से लगातार खाद्य सामग्री और राहत सामग्री प्रभावित ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन हालात सामान्य होने में अभी और वक्त लग सकता है।
