देहरादून। केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उत्तराखंड में यातायात नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई चालक एक वर्ष की अवधि में पांच या उससे अधिक बार चालान कटवाता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
परिवहन विभाग अब ऐसे चालान न भरने वाले चालकों की डिफॉल्टर सूची भी तैयार करेगा, जिनके वाहनों को पुलिस द्वारा जब्त किया जा सकेगा।
चालान की सूचना इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (SMS या ई-मेल) से तीन दिनों के भीतर दी जाएगी, जबकि भौतिक चालान 15 दिनों में भेजा जाएगा।चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान या आपत्ति दर्ज करना अनिवार्य होगा।
यदि तय समय में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा और इसके बाद भुगतान करना जरूरी होगा।नियमों का पालन न करने पर वाहन के रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े आवेदनों पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही वाहन को पोर्टल पर असंव्यवहार योग्य श्रेणी में डाला जा सकता है।
