मानसून की आपदाओं ने इस साल राज्य को गहरे घाव दिए हैं। भारी तबाही में 136 लोगों की जान चली गई, जबकि 149 लोग घायल हुए। छह हजार से अधिक मकान जमींदोज़ हो गए और सरकारी संपत्ति को भी गंभीर क्षति पहुंची। ऐसे हालात में आपदा प्रबंधन विभाग ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। विभाग का लक्ष्य न केवल पुनर्निर्माण कार्यों को गति देना है, बल्कि आपदा के असर को कम करने के लिए सिस्टम को और मजबूत बनाना भी है।इसी कड़ी में विभाग ने विश्व बैंक के समक्ष 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजने की तैयारी की है। इस धनराशि से तहसील स्तर पर आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे और कई योजनाओं पर काम किया जाएगा। प्रस्ताव को “यू प्रिपेयर” योजना के अंतर्गत भेजा जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में बेहतर संसाधन और तत्काल राहत उपलब्ध हो सके।
