उत्तराखंड में इस साल आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। केदारनाथ के बाद राज्य में सबसे अधिक आपदाएं दर्ज की गईं, जिनसे सरकारी संस्थानों को ही करीब 1900 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। गांवों को व्यापक क्षति पहुंची है, वहीं जनहानि और पशुहानि ने हालात को और गंभीर बना दिया है। भारी बारिश और भूस्खलन अभी भी कई इलाकों में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। इस व्यापक नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से 5702 करोड़ रुपये की राहत राशि की मांग की है। केंद्र की ओर से भेजी गई टीम पहले ही प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर चुकी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उनका विमान शाम 4:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेगा, जहां से वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। इसके बाद शाम पांच बजे देहरादून में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर नुकसान और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक के बाद प्रधानमंत्री दिल्ली लौट जाएंगे।
