उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा से पहले पुलिस और एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में नकल गिरोह के मास्टरमाइंड हाकम सिंह और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता एवं आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि गिरोह सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया। जांच में सामने आया कि गिरोह परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये की वसूली कर रहा था। हाकम सिंह पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुका है। एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर और देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने शातिर तरीके से उम्मीदवारों को अपने जाल में फंसाया। यदि कोई अभ्यर्थी खुद पास हो जाता तो पैसे आरोपियों द्वारा हड़प लिए जाते, और असफल होने पर “अगली परीक्षा में एडजस्टमेंट” का झांसा देकर ठगी जारी रहती। दो दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने की तैयारी कर रहा है। इस पर निगरानी बढ़ाई गई और आखिरकार हाकम सिंह (निवासी उत्तरकाशी) और पंकज गौड़ (निवासी उत्तरकाशी) को पटेलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और गोपनीयता पर कोई असर नहीं पड़ा है और परीक्षा निर्धारित तिथि 21 सितंबर को सुरक्षित माहौल में आयोजित की जाएगी।
