नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप का मामला अब और गहराता जा रहा है। गुरुवार को हुए चुनाव के बाद शुक्रवार तड़के निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक की मौजूदगी में 22 वोटों की गिनती की गई थी। वोट और नतीजे लिफाफे में रखकर डबल लॉक में सुरक्षित कर दिए गए। इस मामले में आज 18 अगस्त को सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने इसे टालते हुए अब 19 अगस्त को सुनवाई तय की है। वहीं, चुनाव से पहले लापता बताए जा रहे पांचों जिला पंचायत सदस्य कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने धारा 164 में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में कहा कि वे अपनी मर्जी से घूमने गए थे। उधर कपिल सिब्बल के जूनियर वकील कामत ने एक अलग याचिका दायर कर रिपोलिंग की मांग की है, जिस पर अभी सुनवाई होनी बाकी है। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी से काउंटिंग प्रक्रिया और उससे जुड़ी कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट शपथपत्र (एफिडेविट) के रूप में मांगी है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने जिले की कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी को फटकार लगाई। उन्होंने पूछा, “कहां थी आपकी पुलिस फोर्स? शहर में हिस्ट्रीशीटर क्या कर रहे थे?”
