केबिनेट कि मिंटिंग में 21 फरवरी 2024 के कला विषय में बीएड लागू होने के बाद फाइन आर्ट्स के अभ्यर्थियों में आक्रोश का माहौल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बिना जांच के यह फैसला लेना अनुचित है। जिससे हजारों बच्चों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अभ्यर्थीयों का कहना है कि उनके द्वारा आयोग, सचिवालय और मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन के साथ डाक्यूमेंट्स भी दिये गये और उनकी जांच करने को कहा गया और सीएम हैल्पलाइन और आयोग को 300 से अधिक मेल भी कर चुके है। फाइन आर्ट्स कला के क्षेत्र में सबसे बड़ा कोर्स है। उसे केन्द्र और अन्य राज्यों में पहली प्राथमिकता दियी जा रही है। वहीं इस राज्य में केवल दो युनिवर्सिटी में होने के बाद भी उसे संघर्ष करना पड़ रहा है। फाइन आर्ट्स के सभी अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर सरकार इनके हक में फैसला नहीं लेती तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगें। यहां ज्योत्सना, कविता, पंकज बिनवाल, अक्षद जोशी, योगेश डसीला, सुरभि शर्मा, महेंद्र आर्या, विदुशी शर्मा, विरेंद्र, पीयूष आदि मौजूद रहे।
