अल्मोड़ा। आज दिनांक 20 फरवरी 2026 को अधिकारी/कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, उत्तराखंड पेयजल निगम के आह्वान पर कार्यालय अधिशासी अभियंता, निर्माण शाखा, उत्तराखंड पेयजल निगम, अल्मोड़ा परिसर में एकदिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरने की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता इं. संजीव वर्मा ने की।धरने में मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जोर दिया गया। पहली मांग के तहत पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किए जाने की बात कही गई। दूसरी मांग में कहा गया कि जब तक निगम का राजकीयकरण नहीं होता, तब तक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान कोषागार के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। वैकल्पिक रूप से सेंटेज व्यवस्था समाप्त कर निगम कर्मियों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्रावधान करते हुए सचिव (पेयजल) के नियंत्रण में रखा जाए और प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से वेतन व पेंशन का भुगतान किया जाए।धरना कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक शासन स्तर से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य देयों के भुगतान संबंधी स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने चेतावनी दी कि 21 फरवरी 2026 से 05 मार्च 2026 तक मुख्यालय देहरादून में जनपदवार धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यदि 05 मार्च तक भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 06 मार्च 2026 से कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान में पिछले दो माह से अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है और तीसरा माह भी समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पेयजल निगम एक राजकीय निगम है, ऐसे में वेतन और पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। कर्मचारियों ने कहा कि वे पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।धरना कार्यक्रम में निगम के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे तथा अपने विचार व्यक्त किए।
