
साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित कई आंदोलनकारी पहलवानों ने भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख और बालियान खाप के प्रमुख नरेश टिकैत को अपने मेडल सौंपे, जो उन्हें गंगा में मेडल बहाने से रोकने के लिए हरिद्वार के हर की पौड़ी पहुंचे थे।
टिकैत ने अब सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए पांच दिन का समय दिया
बता दें कि पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सिंह की गिरफ्तारी की मांग पूरी न किए जाने के विरोध में वे अपने मेडल गंगा में बहाने हरिद्वार पहुंचे। पहलवानों के साथ टिकैत ने अब सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए पांच दिन का समय दिया है, जिसमें विफल रहने पर पहलवान अपने मेडल गंगा में डुबाने के अपने फैसले पर आगे बढ़ेंगे।
पहलवान लगभग 20 मिनट तक मौन खड़े रहे
दिल्ली में जंतर मंतर के पास रविवार को सड़क पर घसीटे जाने के बाद आठ घंटे हिरासत में रखे जाने और धरना स्थल पर टंगे तिरपाल, चटाई, बिस्तर सहित सारा सामान हटा लिए जाने के कारण भावुक दिख रहीं साक्षी, विनेश और विनेश की चचेरी बहन संगीता को उनके पतियों ने सांत्वना दी। कई समर्थकों ने घाट पर सुरक्षा घेरा बना लिया। इससे पहले, हर की पौड़ी पहुंचने के बाद पहलवान लगभग 20 मिनट तक मौन खड़े रहे। इसके बाद वे हाथों में मेडल लेकर गंगा के तट पर बैठ गए। उस समय उनके हाव-भाव गहन व्यथा को दर्शा रहे थे।
यह पदक देश की शान और तिरंगा है
बता दें कि इससे पहले किसान नेता राकेश टिकट ने ट्वीट कर पहलवानों को मेडल गंगा में बहाने से रोकने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया, यह पदक देश की शान और तिरंगा है। हम सभी पहलवानों से अनुरोध करते हैं कि ऐसा कदम न उठाएं। आपने अपने खेल से देश को गौरवान्वित किया है। हम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि इस मामले को देखें और जल्द से जल्द पहलवानों से बात करें। इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, पूरा देश सदमे में है। पूरे देश की आंखों में आंसू हैं। अब प्रधानमंत्री को अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए।