नैनीताल जिले से जुडी एक बड़ी खबर सामने आ रही है भवाली-अल्मोड़ा हाईवे को कुमाऊं की लाइफ लाइन कहा जाता है। लेकिन यहाँ बीते समय बरसात में पहाड़ी मलबा आने की वजह से ज्योलीकोट-भवाली-अल्मोड़ा हाईवे जगह जगह से टूट गया था। जिसकी वजह से एनएच विभाग को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस हाईवे के जगह जगह टूटने से अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले की तरफ आवाजाही करने वाले वाहन चालकों, यात्रियों और सैलानियों को दो साल से रोजाना घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि एनएच विभाग की तरफ से क्षतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत का काम किया जा रहा है। लेकिन सड़क पर रोजाना एक से दो किमी तक जाम की समस्या बनी हुई है। दरअसल ज्योलीकोट से काकड़ीघाट तक साल 2021 में आपदा के चलते कैंची, पाडली, रातीघाट, रामगाड़, झूलापुल गरमपानी, भौर्या मोड़, लोहाली, नावली, काकड़ीघाट तक सड़क जगह-जगह टूट गई और इससे रोजाना लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। आपदा में हुए नुकसान के बाद सड़क की मरम्मत के लिए एनएच विभाग ने भारत सरकार से 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जिससे सड़क की मरम्मत, डामरीकरण और चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ज्योलीकोट से लेकर काकड़ीघाट तक डामरीकरण, टूटी दीवारों की मरम्मत, झूलापुल गरमपानी में पहाड़ी कटान के साथ भौर्या मोड़ तक 25 जनवरी 2024 तक निर्माण कार्य पूरे किए जाने हैं। इसके बाद एनएच विभाग और ठेकेदार निर्माण कार्य में लगे हैं
