नैनीताल जिले से जुड़ा एक बड़ी खबर सामने आ रही है यहाँ उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चंपावत जिले के बहुत से सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी के मामले से जुडी जनहित याचिका पर सुनवाई की। जिसमे उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार को 6 हफ्तों के अंदर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है। दरसल उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चंपावत जिले के कई सरकारी स्कूलों मे आधारभूत सुविधाओं की कमी होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि तय की है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष चार अक्तूबर को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश सिहं बिष्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि क्षेत्र के कई विद्यालयों के भवन जर्ज़र हो गए हैं। पेयजल की व्यवस्था नहीं है और शिक्षकों की भारी कमी है। इस याचिका में सिलोड़ी गूंठ, कोटना प्राइमरी स्कूल, कफड़ा, रीठाखाल, मूलाकोट जीआईसी की कमियों का उदाहरण दिया गया है। याचिका में कहा कि प्राथमिक स्कूल कोटना के भवन की छत खराब है, बिजली नहीं है, शौचालय तक साफ नहीं है। जरूरी आधारभूत सुविधाओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
