मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को उनके पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी समझौते के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति देने का फैसला किया है, बशर्ते उन्होंने मूल संवर्ग में न्यूनतम पाँच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण की हो।
राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए आपसी सहमति से भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है, जिससे भूमि अर्जन में लगने वाला समय और मुकदमेबाजी कम होगी। वहीं ऊधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सिडकुल को हस्तांतरित करने संबंधी शासनादेश में संशोधन किया गया है।
जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई है, जिससे अनुसूचित जनजाति बहुल जनपदों में योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होगा। भू-जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपयोग के लिए जल प्रभार की नई दरें लागू करने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट ने देहरादून में जीआरडी उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देकर राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसके साथ ही उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को संयुक्त नागरिक व सैन्य उपयोग हेतु रक्षा मंत्रालय को लीज पर देने की सहमति दी गई है।
राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
