मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच कराई गई तो राज्य की समूची भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच की लंबी प्रक्रिया कई साल तक चल सकती है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा। एससीईआरटी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश में भर्तियों को पटरी से उतारने की साजिश कर रहे हैं। वे पेपर लीक के मुद्दे को उछालकर भर्ती प्रक्रियाओं को बदनाम करने और युवाओं के अवसर रोकने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने कहा, यह वही लोग हैं जो अन्य मामलों में सीबीआई जांच के खिलाफ रहते हैं, लेकिन इस प्रकरण में जांच की मांग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य पारदर्शिता नहीं, बल्कि भर्ती रोकना है। उन्होंने याद दिलाया कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही पहला संकल्प यही लिया था कि सरकारी विभागों की खाली पदों को राज्य के युवाओं से भरा जाएगा। धामी ने दोहराया कि सरकार पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षाओं को रुकने नहीं देगी।
