इरादे बुलंद हों और मेहनत की कोई सीमा न हो, तो किसी भी हालात को मात देकर मंज़िल हासिल की जा सकती है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अतुल कुमार ने इस बात को सच कर दिखाया है। केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चर चलाकर परिवार का पेट पालने वाले 22 वर्षीय अतुल ने आईआईटी JAM 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया 649वीं रैंक हासिल कर देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गए हैं। अब उनका चयन प्रतिष्ठित आईआईटी मद्रास में हो गया है।बता दे कि बसुकेदार तहसील के बीरों देवल गांव निवासी अतुल बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता ओमप्रकाश वर्षों से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर चलाकर रोज़ी-रोटी कमाते हैं। मां संगीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने अतुल की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। उन्होंने उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 17वीं और 12वीं में 21वीं रैंक हासिल की थी। अतुल बताते हैं कि 2018 से वह भी अपने पिता के साथ यात्रा मार्ग पर काम करने लगे। पढ़ाई का बोझ और परिवार की जिम्मेदारी साथ-साथ निभाना आसान नहीं था। लेकिन जब वे पढ़ाई में व्यस्त रहते थे, तब छोटा भाई उनके हिस्से का काम संभाल लेता था। गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र अतुल ने बिना किसी कोचिंग के खुद से तैयारी कर फरवरी में JAM परीक्षा दी। यह परीक्षा देश के प्रमुख विज्ञान संस्थानों जैसे आईआईटी और आईआईएससी में एमएससी समेत अन्य कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित होती है। परिणाम आने पर जब उन्होंने अपनी 649वीं रैंक देखी, तो खुद को बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद मानकर भावुक हो उठे। अब अतुल 22 जुलाई को आईआईटी मद्रास में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल रिपोर्टिंग के लिए रवाना होंगे।
