बागेश्वर,उत्तरायणी मेला 2026 के भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बुधवार को जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में जिला सभागार में मेला प्रबंधन, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में मेला क्षेत्र की सुरक्षा, यातायात व पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, अग्निशमन, सीसीटीवी, रेन बसेरे एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि उत्तरायणी मेला जनपद की सांस्कृतिक पहचान है, ऐसे में श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने पेयजल, शौचालय, सफाई और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने, साथ ही पानी व शौचालयों के लिए स्पष्ट साइनेज लगाने के निर्देश दिए।पार्किंग को व्यवस्थित रूप से संचालित करने, हेल्प डेस्क स्थापित करने, रेन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था तथा मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।लोक निर्माण विभाग को पुलों के किनारों पर कंटीले तार लगाने और भार वाहन क्षमता के सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका को महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालय और सरयू बगड़ में बड़े चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने के निर्देश मिले। वहीं पुलिस विभाग को कानून व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और बाहर से आने वाले व्यक्तियों के सत्यापन के निर्देश दिए गए।बैठक में जानकारी दी गई कि मेले के प्रथम दिन झांकियां निकाले जाने के दौरान संपूर्ण यातायात प्रतिबंधित रहेगा। झांकी तहसील परिसर से एसबीआई चौराहा होते हुए सरयू पुल के माध्यम से नुमाइश खेत तक जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम नुमाइश खेत में और खेल गतिविधियां सरयू बगड़ में आयोजित होंगी।बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
