
उत्तराखंड में बीते हफ्तों में हुई अतिवृष्टि ने पुरे प्रदेश में जम कर तबाही मचाई है। इस अतिवृष्टि की वजह से बहुत से मार्ग टूट गए जिसकी वजह से मानव जीवन अस्त व्यस्त हो गया। लोगो को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आपको बता दे की बदरीनाथ हाईवे अभी तक कई जगहों पर से क्षतिग्रस्त पड़ा है। बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला से बैलाकूची तक करीब 500 मीटर हिस्से में भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही खतरनाक है। यहां चट्टानी भाग से लेकर अलकनंदा की ओर से भूस्खलन अब भी जारी है, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। यहाँ 500 मीटर के रास्ते को वाहनों से पार करने में लोगो को करीब एक घंटे का समय लग रहा है। चट्टानी भाग होने से एनएचआईडीसीएल की ओर से यहां सुधारीकरण का काम भी शुरू नहीं किया गया है। अगस्त में हुई अतिवृष्टि से बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त पड़ा है। पीपलकोटी के गडोरा से बैलाकूची तक हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन और भू-धंसाव हुआ। दिल्ली के त्रिभुवन, कांता प्रसाद और मनुवेंद्र का कहना है कि पीपलकोटी से सुबह छह बजे बदरीनाथ धाम के लिए निकले थे, लेकिन पागलनाला से बैलाकूची के बीच आगे जाने में एक घंटे का समय लग गया, जिससे यात्रा शेड्यूल गड़बड़ा गया। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर हाईवे कर मरम्मत की जाएगी। जहां भूस्खलन हो रखा है, वहां जल्द सुधारीकरण कार्य शुरू किया जाएगा।