अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना परिसर में सोमवार को योग विज्ञान विभाग की ओर से कैरियर परामर्श व योग विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे वक्ताओं ने योग, प्राकृतिक चिकित्सा आदि के कम खर्चीले और बहुउपयोगी होने की बात कही। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में योग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला का शुभारंभ चम्पावत परिसर के नोडल अधिकारी और योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नवीन चंद्र भट्ट, डॉ दीपक कुमार, लल्लन सिंह व अन्य लोगों ने किया। विभाग की छात्र-छात्राओं की ओर से वंदना व स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई।
योग विभाग के परीक्षक गिरीश अधिकारी ने कहा-
योग, प्राकृतिक चिकित्सा, मर्म, एक्यूप्रेशर व प्राणिक चिकित्सा से विभिन्न रोगों का उपचार संभव है। यह एक कम खर्चीली और बहुउपयोगी चिकित्सा पद्धति है।
रजनीश जोशी ने कहा-
योग से उच्च शिक्षा व शोध के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। जेआरएफ, आयुष विभाग के तहत योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी आदि में कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा स्कूलों, उद्योग जगत, सैन्य क्षेत्र आदि में योग से कैरियर बनाने पर बात की गई।
