अल्मोड़ा नगर में विश्व पर्यावरण दिवस पर राम सिंह धौनी पुस्तकालय में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे सालम समिति की ओर से हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने पर्यावरण पर चिंता जताई। साथ ही मांग उठाई की जल, जंगल और जमीन आम लोगों के अधीन की जाए। तभी पर्यावरण को बचाया जा सकता है। साथ ही गोष्ठी में वक्ताओं ने चिपको वन बचाओ जैसे आंदोलनों को याद किया। उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि पर्यावरण की औपचारिक बात हो रही है जबकि यह समाजिक मुद्दा है। उत्तराखंड प्राकृतिक संसधानों पर स्थानीय समाज का हक होना चाहिए। कहा कि चिपको आंदोलन का मूलतत्व संसाधनों पर जनता का अधिकार ही रहा है।
