अल्मोड़ा जिले में तेंदुए के आतंक के बाद अब बाघ की दस्तक से जिले के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। जिले में सल्ट के लुहेड़ा गांव में बाघ की वजह से क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकलने में डरने लगे है। लुहेड़ा से तीन किमी दूर रतनकोट के ग्रामीणों ने बाघ के घरों तक पहुंचने का दावा किया है जबकि वन विभाग को अब तक न तो तेंदुआ और न ही बाघ कहीं नजर नहीं आया। लुहेड़ा से तीन किमी दूर तनकोट की अनीता देवी ने बताया कि शनिवार सुबह वह घर के पास अपनी गोशाला में पहुंची। अचानक बाघ गोशाला के पास पहुंच गया तो उससे सिर्फ पांच मीटर की दूरी पर था। शोर मचाने पर वह जंगल की तरफ भागा। कुछ देर बाद सुबह 11 बजे के करीब गांव के एक और व्यक्ति को बाघ नजर आया। वहीं पूरे दिन कई ग्रामीणों को अलग-अलग जगहों पर बाघ दिखाई दिया। पूर्व सरपंच कैलाश शर्मा ने कहा कि कार्बेट पार्क से सटा होने से क्षेत्र के लोग बाघ और तेंदुए के फर्क से बखूबी परिचित हैं। बताया कि क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से उचित कदम उठाने की मांग की है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए या बाघ की सक्रियता है, यह जांच का विषय है। लोगों को सतर्कता बरतनी होगी।
