अल्मोड़ा नगर में आज शुक्रवार को पूरे उत्साह और देशभक्ति माहौल के साथ तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के शहीदों और वीर जवानों को सम्मान देना, युवाओं में देशप्रेम की भावना को जागृत करना और एकता का संदेश फैलाना है। यात्रा की शुरुआत स्थानीय सिद्धि नौले से हुई, जहाँ लोगों ने तिरंगे के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यात्रा में स्कूली बच्चे, युवा, बुजुर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के गीत गाए और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ जैसे नारों से वातावरण को गुंजायमान किया। इस यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के प्रति समर्पित करना और शौर्य की परंपरा को आगे बढ़ाना है।
यात्रा के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहाँ –
पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाया गया एक सैन्य अभियान था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या हुई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिससे 100 से अधिक आतंकी मारे गए और पाकिस्तान को संघर्ष विराम के लिए मजबूर होना पड़ा। इस यात्रा का उद्देश्य सैन्य सफलता का जश्न मनाना, सैन्य बलों का सम्मान करना और आतंकवाद के प्रति “ज़ीरो टॉलरेंस” का संदेश देना था।
जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहाँ –
यात्रा के माध्यम से सैन्य बलों के बलिदान और शौर्य को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। महेश नयाल ने इसे “जन-जन तक सेना की गाथा पहुँचाने का माध्यम” बताया ।उन्होंने कहाँ की तिरंगे के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया।
नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने कहा –
तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा न केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के प्रति जनता की भावनाओं का प्रतीक भी रहा। इसके माध्यम से भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, साथ ही नागरिकों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई।
