अल्मोड़ा जिले में मानसून की शुरुआती बारिश होते ही सरकारी विद्यालयों ने सिस्टम की पोल खोल दी है। 46 जर्जर विद्यालयों में खतरे के साये में पढ़ने के लिए जिले के 29 हजार से अधिक विद्यार्थी मजबूर है। इनमें से अधिकतर स्कूलों में छत और जर्जर दीवारों से बारिश का पानी घुस रहा है। विभाग भी मानता है कि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 29 हजार से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए इनका ध्वस्तीकरण और नवनिर्माण जरूरी है। पूर्व में विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव भेजा लेकिन स्थिति नहीं बदली। मानसून शुरू हो चुका है और आपदा से राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी करने के दावे हो रहे हैं। हैरानी है कि अब तक विद्यार्थियों के लिए खतरा बने इन विद्यालय भवनों के नवनिर्माण का प्रस्ताव फाइलों में धूल फांक रहा है। विभाग भी बजट न मिलने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
