उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959, जो वर्तमान में उत्तराखंड राज्य में भी यथावत रूप से लागू है, इन प्रावधानों के अनुसार हर दो महीने के अंदर एक बारअनिवार्य रूप से नगर निगम की सामान्य बोर्ड बैठक का आयोजन किया जाएगा। यह प्रावधान नगर क्षेत्र की समुचित व्यवस्था, पारदर्शिय और पार्षदों द्वारा जनहित के मुद्दों को नगर निगम के समक्ष रखने के उद्देश्य से किया गया है। पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि निर्धारित अवधि में बोर्ड की बैउके नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिसके कारण पार्षदगण अपने-अपने वार्डों की समस्याएं आपके समक्ष नहीं रख पा रहे हैं और नगर निगम के कार्यों में सामूहिक भागीदारी एवं निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
