अल्मोड़ा में आज 13 दिसंबर बुधवार को उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने नर्सिंग के 1400 से ज़्यादा पदों पर निकली भर्तियों पर प्रेस में जारी एक बयान में कहा कि लगभग एक महीने पहले प्रदेश सरकार की तरफ से नर्सिंग के 1400 से ज़्यादा पदों पर भर्तियां निकाली गई थी। जिसके जरिये नर्सिंग का कोर्स कर चुके युवाओं में एक नई चेतना का संचार हुआ था।
लेकिन इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करना तो दूर की बात एक महीने के भीतर ही सरकार के ने इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी। जो युवाओं के भविष्य के साथ कुठाराघात है। उन्होंने यह भी कहा कि एक तो पहले से ही उत्तराखंड में भर्तियां निकल ही नहीं रही है और जो भर्तियां निकाली जा रही उन्हे कुछ दिन बीतने के बाद किसी न किसी बहाने से रोकने का काम किया जा रहा है।
सरकार ने यही कहानी नर्सिंग के निकले हुए 1400 से अधिक पदों के साथ भी दोहराई है। इस मामले पर जब उनके द्वारा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉक्टर सयाना से बात की गई तो उन्होंने बताया की उक्त भर्तियां निरस्त नहीं की गई है बल्कि स्थगित की गई है। कर्नाटक ने कहा कि पहले से अंदेशा था कि सरकार युवाओं को सपने दिखाने के लिए भर्तियां तो निकाल देगी लेकिन उन पर विज्ञप्ति जारी हो या ना हो युवाओं को रोजगार मिले ना मिले यह संशय की बात है और आज इन भर्तियों का रुक जाना सरकार की मंशा को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि कुछ समय में लोकसभा चुनाव है। इस दौरान किसी भी तरह की नियुक्तियां उत्तराखंड में नहीं हो पाएंगी जिसका खामियाजा यहां के युवाओं को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में युवा परेशान है जिन्होंने सोचा था की नर्सिंग के इन 1400 पदों में उन्हें भी स्थान मिल पाएगा।उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को तोड़ने का कार्य कर रही है। आज युवा हताश है और परेशान है जिसकी जिम्मेदार सूबे की भाजपा सरकार है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का इस तरीके से सरकार की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न का किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि सरकार अविलंब इन पदों पर नियुक्तियां की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ती है तो वे सरकार की इस तुगलकी नीति का विरोध करने को बाध्य होंगे।
