अल्मोड़ा जिले में बने मेडिकल कॉलेज अब भी 150 से अधिक पदों की स्वीकृति का इंतजार कर रहे है। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। दरअसल अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वार्ड ब्वॉय, वार्ड आया, सिक्योरिटी गार्ड, ऑक्सीजन प्लांट तकनीशियन सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के 150 पद स्वीकृत होने हैं और इनकी स्थाई नियुक्ति होनी है। 425 करोड़ रुपये से बने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के साथ ही हरिद्वार, रुद्रपुर, गढ़वाल मेडिकल कॉलेज का करीब दो साल पूर्व संचालन शुरू हुआ। अल्मोड़ा को छोड़कर सभी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मियों के पद स्वीकृत कर इनकी तैनाती कर दी गई है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को आज भी इन कर्मियों के पदों की स्वीकृति का इंतजार है, तैनाती तो दूर की बात रही। कर्मियों की कमी से इसका सीधा असर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है और यहां उपचार को पहुंचने वाले मरीज बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
