गोल्डन परिवार के छात्र नेता प्रदीप सिंह मेहता ने अपनी पूरी टीम के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों की समस्याओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। छात्र संगठन ने सबसे पहले विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में की गई शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग रखी। साथ ही परीक्षा शुल्क को अनुचित बताते हुए कहा कि सरकारी विश्वविद्यालय में 800 से 1000 रुपये तक केवल परीक्षा शुल्क वसूलना गरीब और निम्न आय वर्ग के छात्रों पर सीधा बोझ है।संगठन ने छात्रावास शुल्क में की गई वृद्धि का भी विरोध किया। उनका कहना है कि पहले से ही हॉस्टल की सुविधाएं अपर्याप्त हैं, ऐसे में अचानक 3000 रुपये की बढ़ोतरी कर शुल्क को 7000 से 10000 रुपये कर देना छात्र हितों पर कुठाराघात है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों को हॉस्टल उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है, और जिन छात्रों को हॉस्टल मिलता भी है, उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पातीं। ऐसे हालात में शुल्क वृद्धि किसी भी तरह से उचित नहीं है। छात्र नेता प्रदीप सिंह मेहता ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो छात्र संगठन बाध्य होकर चरणबद्ध आंदोलन करेगा और परिस्थिति आने पर उग्र आंदोलन का भी सहारा लेगा।
