अल्मोड़ा पेटशाल के परमानन्देश्वर मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन व्यास मोहन चंद्र पंत ने तारकासुर राक्षस प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि शिवपुराण का श्रवण करने मात्र से मनुष्य के पाप और दुख दूर हो जाते हैं। उन्होंने बताया की श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। कथा का वाचन कुमाऊनी भाषा में किया जा रहा है,भक्तों ने कथा को पहाड़ी भाषा में करने के लिए सराहना की। कथा पंडाल में भक्त बड़ी संख्या में कथा सुनने के लिए पहुंच रहे हैं । आयोजन में पुरोहित संतोष पांडे, मुख्य यजमान देवकीनंदन पेटशाली, यजमान गिरधारी सिंह पूना एवं विशम्बर दत्त पेटशाली अपनी सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही समिति ने बताया की गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को कथा का समापन पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ होगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे भंडारे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
