अल्मोड़ा जिले में हुई बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से जिले में सात सड़कें डूंगरा-झिगोली, ध्याड़ी-भनोली, ज्वारनड़ी-बकस्वाण, जैंती-नयासंग्रौली, मंगलता-त्रिनेली, जाखसौड़ा-पिपना मन्हैत बंद हो गईं। जिसके चलते 40 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए। सड़क संपर्क कटने से ग्रामीणों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सड़कों पर आवाजाही थमने से 20 हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। किसी तरह ग्रामीण और मरीज दरकती पहाड़ी और मलबे के बीच पैदल आवाजाही कर बाजार और अस्पताल पहुंचे। वाहनों की आवाजाही ठप होने से ग्रामीणों को पीठ पर ढोकर दैनिक जरूरत का सामान घर पहुंचाना पड़ा। सूचना के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने मौके पर जेसीबी भेजकर डूंगरा-झिगोली, ध्याड़ी-भनोली, ज्वारनड़ी-बकस्वाण सड़कों पर आवाजाही शुरू कराई। देर रात तक जैंती-नयासंग्रौली, मंगलता-त्रिनेली, जाखसौड़ा-पिपना मन्हैत सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। जल्द ही सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू की जाएगी।
