रानीखेत डिपो को अस्थायी रूप से अल्मोड़ा स्थानांतरित किए जाने की खबरों से उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी संगठनों में रोष फैल गया है। शुक्रवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर डिपो परिसर में बैठक की और संयुक्त मोर्चा बनाकर प्रबंधन के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि डिपो को हटाने का प्रयास किया गया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। परिवहन संघ के अध्यक्ष महेश जोशी ने कहां कि डिपो के ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका स्थानांतरण न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम जनता के लिए। संयुक्त परिषद के सचिव प्रमोद जोशी ने इस कदम को एकतरफा और तानाशाही करार दिया और कहा कि कर्मचारियों की राय लिए बिना ऐसा फैसला मंजूर नहीं किया जाएगा। इम्प्लाइज यूनियन के गोपाल नैनवाल ने चेताया कि इससे कर्मचारियों को असुविधा के साथ-साथ स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारी यूनियन के सतीश उपाध्याय ने कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रबंधन ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।सभी संगठनों ने यह ऐलान किया कि रानीखेत डिपो को बचाने की लड़ाई अब सड़क से लेकर शासन तक लड़ी जाएगी।
