अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर ब्लॉक के भिटाराकोट क्षेत्र के कफारतोक, लालरतोक और मदनपुर तोक के ग्रामीण पिछले चार साल से एक सड़क के इंतजार में हैं, जो कभी बनी ही नहीं। सरकार ने 2021 में इस लिंक रोड के लिए लगभग 42 लाख रुपये की मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सिविल भूमि का आवंटन, जो चार साल से अफसरशाही में उलझा हुआ है। फाइलें तो चलती रहीं, लेकिन सड़क जमीन पर नहीं उतर सकी। इस देरी से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों और पशुपालकों को हो रही है। लालरतोक जैसे क्षेत्रों में लोग सब्जी उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन करते हैं, लेकिन सड़क न होने की वजह से वे अपने उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। आमदनी घट रही है और लोग गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ अभी तक नहीं सुनी गई। उनका साफ कहना है कि अगर जल्द ही सड़क नहीं बनी, तो यह क्षेत्र पूरी तरह खाली हो सकता है। सरकार ने मंजूरी दी, बजट भी आया, लेकिन फाइलों में उलझी इस योजना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ में विकास की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है।
