अल्मोड़ा जिले में साल 2022 से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू हो गया था, लेकिन संचालन होने के बाद काफी समय से यहां मोर्चरी शुरू नहीं हो पाई थी। जिसकी वजह से यहां पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहे थे। पोस्टमार्टम नहीं होने से मेडिकल कॉलेज को शवों को अन्यत्र भेजना पड़ता था। वहीं, पोस्टमार्टम नहीं होने से छात्र-छात्राओं को भी प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब जिले के मेडिकल कॉलेज में मोर्चरी खुलने के साथ पोस्टमार्टम होने की शुरुआत हो गयी है। इससे मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पोस्टमार्टम की ट्रेनिंग मिल सकेगी। मेडिकल कॉलेज को भी पोस्टमार्टम के लिए शवों को अन्यत्र नहीं भेजना पड़ेगा। वहीं, छात्र-छात्राओ को भी इसका लाभ मिलेगा। छात्र शव के प्रशिक्षण से शरीर की संरचना को बेहतर समझ पाएंगे। यह उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में दक्ष बनाएगा।
