कुमाऊं मंडल के पहले मेडिकल कॉलेज, सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, में साढ़े तीन साल बाद आखिरकार स्थायी प्राचार्य की तैनाती हो गई है। हालांकि कॉलेज अब भी स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहा है।फिलहाल रेडियोलॉजी विभाग एकमात्र संविदा पर तैनात चिकित्सक के सहारे चल रहा है। विभाग में एचओडी तक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अल्ट्रासाउंड जैसी अहम जांच इसी डॉक्टर के भरोसे है, लेकिन उनके अवकाश पर जाने पर जांच पूरी तरह ठप हो जाती है। गर्भवतियों समेत दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मजबूरी में पांच किलोमीटर दूर जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है, जहां अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लगातार विभागीय डॉक्टरों की स्थायी तैनाती की मांग उठा चुके हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल मरीजों की उम्मीदें अभी भी अधूरी हैं।
